कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर निकल कर सामने आई है। जो सफाई कर्मी जीवन भर शहर की गलियों, सड़कों को साफ सफाई करता है। उसकी मृत्यु के बाद उसी के पार्थिव शरीर को सम्मानजनक या अंतिम यात्रा भी नसीब नहीं हो सकी। परिजनों को मजबूरी में शव ले जाने के लिए डोर टू डोर कचरा गाड़ी का सहारा लेना पड़ा। इस घटना से प्रशासनिक संवेदनहीनता और बदहाल व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। जानकारी के अनुसार सांगोद नगरपालिका में कार्यरत सफाई कर्मी राजेश पिछले तीन दिनों से लापता थे। शनिवार को सांगोद खानपुर मार्ग पर खापरपुर के पास सड़क हादसे में उनकी मौत हो जाने के बाद उनका शव बरामद हुआ। सड़क हादसे में मौत होने के कारण शव करीब तीन दिन पुराना हो चुका था और उसमें तेज बदबू भी आ रही थी। शव मिलने की सूचना पर स्थानीय पार्षद राजेश कुमार के साथ घटना स्थल पर परिजन पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने शव को सांगोद लाने के लिए 108 एंबुलेंस और अस्पताल प्रशासन से शव वाहन उपलब्ध कराने की गुहार भी लगाई लेकिन उन्हें कोई भी मदद नहीं मिली। बदबू आने के कारण निजी वाहन चालकों और टैक्सी चालकों ने भी शव को ले जाने में मना कर दिया। जब कोई मदद नहीं मिली तो परेशान हो गए परिजनों ने नगरपालिका प्रशासन से संपर्क किया और शव लाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने की अपील की लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए एंबुलेंस या शव वाहन की व्यवस्था करने के बजाय कचरा उठाने वाले टीपर वाहन को ही भेज दिया। इस पूरे घटना क्रम से सफाई कर्मियों में बेहद ही आक्रोश है।
एम्बुलेंस ना मिलने पर कचरा वाहन से लाया गया सफाई कर्मी का शव
एम्बुलेंस ना मिलने पर कचरा वाहन से लाया गया सफाई कर्मी का शव
Vijay
Local Desk
|
Updated: 11 Oct 2026, 01:20 PM IST
|
1 min read
Comments (0)